अराजकतावाद के सिद्धांत की आलोचना । तथा साम्यवाद व समाजवाद से किस प्रकार भिन्न है ?

अराजकतावाद के सिद्धांत की आलोचना । तथा साम्यवाद व समाजवाद से किस प्रकार भिन्न है ? अराजकतावाद की आलोचना (Criticism of Anarchism) अराजकतावादी विचारकों के अनुसार राज्य सर्वथा अवांछनीय संस्था है । शक्ति पर आधारित होने के नाते राज्य ‘अनावश्यक बुराई’ है । व्यक्ति स्वभाव … Read more

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