राज्य और समाज के संबंध में मार्क्स के सिद्धांत का वर्णन कीजिए ।

राज्य और समाज के संबंध में मार्क्स के सिद्धांत का वर्णन कीजिए । अथवा मार्क्स के ‘समाजवादी राज्य’ तथा ‘साम्यवादी समाज’ विषय विचारों पर प्रकाश डालें । अथवा “राज्य पूंजीपति वर्ग की कार्यकारिणी समिति है ।” मार्क्स के इस कथन की व्याख्या कीजिए । राज्य … Read more

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मार्क्स वैज्ञानिक समाजवाद का जनक है । इस कथन की आलोचनाएं ।

“मार्क्स वैज्ञानिक समाजवाद का जनक है ।” इस कथन की आलोचनाएं । मार्क्स वैज्ञानिक समाजवाद का जनक है (Marx is tha Father of Scientific Socialism) मार्क्स के वैज्ञानिक समाजवाद का अर्थ है (Meaning of the Scientific Materialism of Marx) –  मार्क्स से पूर्व बहुत से … Read more

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मार्क्सवाद की आलोचनात्मक विवेचना की मूल्यांकन

मार्क्सवाद की आलोचनात्मक विवेचना की मूल्यांकन। मार्क्सवाद का आलोचनात्मक विवेचन (Critical Evaluation of Karl Marx) कार्ल मार्क्स एक साम्यवादी नेता था । उसने अपने विचारों को अध्यात्मवाद, द्वन्द्ववाद, भौतिकवाद, इतिहास की आर्थिक व्याख्या, वर्ग संघर्ष, अतिरिक्त मूल्य आदि सिद्धांतों के रूप में व्यक्त किया है … Read more

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मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य सिद्धांत की आलोचना।

मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य सिद्धांत की आलोचना। मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य का सिद्धांत (Marxian Theory of Surplus Value) सिद्धांत की व्याख्या (Theory Explained) – इस सिद्धांत में मार्क्स का उद्देश्य यह है कि पूंजीपति श्रमिक वर्ग का शोषण किस प्रकार करता है । इस सिद्धांत … Read more

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मार्क्स के वर्ग संघर्ष सिद्धांत या समाजों का इतिहास

मार्क्स के वर्ग संघर्ष सिद्धांत या समाजों का इतिहास। वर्ग संघर्ष का सिद्धांत (Theory of the class Struggle) मार्क्स द्वारा वर्ग – संघर्ष का सिद्धांत ऐतिहासिक भौतिकवाद की उपसिद्धि है साथ ही यह अतिरिक्त मूल्य सिद्धांत के अनुकूल है । मार्क्स ने आर्थिक नियतिवाद की … Read more

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उदारवाद के समर्थन में दिए गए प्रमुख तर्क का वर्णन ।

उदारवाद के समर्थन में दिए गए प्रमुख तर्क का वर्णन । उदारवादियों ने अपने समर्थन में प्रमुख तर्क निम्न प्रकार दिए हैं – (1) आर्थिक तर्क (The Economic Arguments) – उदारवाद का नाम ‘पूंजीवाद’ के साथ संबंध है । उदारवादी विचारों ने उत्पादन साधनों पर … Read more

उदारवादी विचारधारा का विकास कब हुआ था?

उदारवादी विचारधारा का विकास कब हुआ था? (1) राजनीतिक क्षेत्र में उदारवाद की स्थापना(Liberalism in Politics) – 16 वीं और 17 वीं शताब्दियों में राष्ट्रीय राज्यों के शासकों ने निरंकुश शक्तियां ग्रहण कर ली । जनता शासकों के विरुद्ध हो गई। इस प्रकार धर्म के … Read more

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उदारवाद की प्रमुख मान्यताएं

उदारवाद की प्रमुख मान्यताएं क्या है। उदारवाद की प्रमुख मान्यताएं निम्न प्रकार है- (1) नागरिक स्वतंत्रताओं की संस्थापना- नागरिक स्वतंत्रताओं कि शासकगण मुक्त न होकर संविधान की शर्तों से बंधे हुए हैं।वे स्वेच्छाचारी व्यवहार नहीं कर सकते । कानून के सामने सब व्यक्ति धनी-निर्धन, अधिकारी- … Read more

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