क्षेत्रीयतावाद के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे रोकने के उपाय बताइए

क्षेत्रीयतावाद के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए इसे रोकने के उपाय बताइए।(Explaining defaults of Regionalism & how can it be checked?)
उत्तर- क्षेत्रीयतावाद के दुष्परिणाम (Evil Consequences of Regionalism)

क्षेत्रीयतावाद या क्षेत्रवाद के निम्नलिखित दुष्परिणाम सामने आये हैं—

(1) राष्ट्रीय एकता के लिए घातक (Injurious for National Unity)- भारत में संकीर्ण क्षेत्रवाद की भावना के फलस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों के लोगों में क्षेत्रीय स्वार्थों को लेकर या कभी राजनीतिक स्वशासन या पृथक् राज्य के प्रश्न को लेकर तो कभी भाषा के प्रश्न को लेकर झगड़े उत्पन्न होते हैं, वे राष्ट्रीय एकता के लिए घातक होते हैं।

(2) राज्य तथा केन्द्रीय सरकार के बीच कटु सम्बन्ध (Bad Relations between State and Centre)— भारत में क्षेत्रवाद के कारण केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच सम्बन्ध कटुतापूर्ण हो जाते हैं। केन्द्रीय सरकार जिस राज्य की तरफ भी थोड़ा झुक जाती है, वहीं विवाद उत्पन्न हो जाता है और उनके सम्बन्ध कटु हो जाते हैं।

(3) विभिन्न क्षेत्रों के बीच संघर्ष और तनाव (Conflict and Tension between Various Regions)- भारत में संकीर्ण क्षेत्रवाद के परिणामस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक, राजनीतिक व मनोवैज्ञानिक संघर्ष और तनाव बढ़ते जाते हैं। प्रत्येक क्षेत्र अपने स्वार्थों की पूर्ति चाहता है चाहे दूसरे क्षेत्रों का कितना भी नुकसान क्यों न हो जाये।

(4) स्वार्थी नेतृत्व व संगठन का विकास (Development of Selfish Leadership and Organisation)- भारत में क्षेत्रवाद के फलस्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ इस प्रकार के नेतृत्व व संगठनों का विकास हो जाता है जो कि जनता भी भावनाओं को उभारकर अपने संकीर्ण स्वार्थों की पूर्ति करना चाहते हैं। उनका समस्त ध्यान अपने स्वार्थों की पूर्ति पर ही केन्द्रित होता है। इसके लिए वे राष्ट्रीय हितों की उपेक्षा तक कर देते हैं।

(5) भाषा की समस्या (Problem of Language) – क्षेत्रवाद के कारण एक क्षेत्र के लोग प्रादेशिक भाषा को आवश्यकता से अधिक महत्त्व प्रदान करने की गलती कर बैठते हैं परिणामस्वरूप भाषागत सहिष्णुता का अन्त हो जाता है और विभिन्न भाषा-भाषी क्षेत्रों के बीच भाषा के प्रश्न को लेकर कटुता बढ़ती चली जाती है। यह स्थिति राष्ट्रीय प्रगति और जनकल्याण के लिए घातक है।
स्पष्ट है कि क्षेत्रवाद या क्षेत्रीयता की भावना राष्ट्रीय एकता, उसकी मजबूती और अखण्डता के लिए एक गम्भीर खतरा है।

क्षेत्रवाद को रोकने के उपाय (Measures for Checking Regionalism)
क्षेत्रवाद को रोकने के लिए अग्रलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं-

 

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