अनुदारवाद से क्या तात्पर्य है ? अनुदारवाद के प्रमुख सिद्धांत ।

अनुदारवाद से क्या तात्पर्य है ? अनुदारवाद के प्रमुख सिद्धांत ।
अनुदारवादी का अर्थ
(Meaning of Conservatism)
अनुदारवाद का तात्पर्य उस वाद से है जो कि उदारवाद अर्थात द्रुतगति से परिवर्तनों का विरोधी है ।
जेनिंग्स (Jennings) का मत है कि “जब 1812 में व्हिग (Whigs) के प्रभुत्वकाल में सुधारवादी अधिनियम पारित हो गया तो टोरी दल के अनुयायियों ने यह आवाज बुलंद की कि ब्रिटिश संविधान का अस्तित्व खतरे में हैं । उस समय उन्होंने उसकी रक्षा के रूप में स्वयं को कंजरवेटिव अर्थात् रक्षक या रक्षा करने वाला नाम दिया ।”
अनुदारवाद के सिद्धांत
(Principles of Conservatism)
अनुदारवाद के प्रमुख सिद्धांत निम्न प्रकार हैं-
(1) अनुदारवाद आकस्मिक तथा आमूलचूल परिवर्तनों का विरोध करता है ।
(2) अनुदारवाद परम्परागत संस्थाओं, प्रथाओं तथा विचारधाराओं की रक्षा करने का समर्थक है ।
(3) अनुदारवाद परिवर्तन का पूर्णतया विरोध न कर सावधानीपूर्वक एवं मंथर गति से होने वाले परिवर्तनों को अनुमति प्रदान करता है ।
(4) अनुदारवाद पूंजीवाद तथा ब्रिटिश साम्राज्यवाद का समर्थन करता है ।
(5) यह कट्टर राष्ट्रीयता का समर्थक है ।
(6) अनुदारवाद की मान्यता है कि अंग्रेज जाति अन्य समस्त जातियों से श्रेष्ठ है तथा अन्य जातियों को सभ्यता सिखाना उसका पुनीत कर्तव्य है ।
(7) ब्रिटिश राजमुकुट की छत्रछाया में ब्रिटिश साम्राज्य की सुरक्षा तथा विस्तार किया जाना चाहिए ।
(8) उपनिवेशों को स्वतंत्रता कदापि नहीं दी जानी चाहिए । इसी आधार पर सुधारवादी चर्चिल अपने मंत्रित्व काल में भारत को स्वतंत्रता प्रदान करने का सदैव विरोध करते रहे ।
(9) राजमुकुट के विशेषाधिकार बनाए रखे जाने चाहिए ।
(10) लार्ड सभा की स्वतंत्रता अक्षुण्ण रखनी चाहिए ।
(11) इंग्लैंड के चर्च की विशेष स्थिति स्वीकार की जानी चाहिए ।
(12) शक्तिशाली नौकरशाही का होना अनिवार्य है ।
(13) गैर- सरकारी संपत्ति में राज्य का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए ।
(14) समाजवादियों तथा पूंजीपतियों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए ।
(15) आर्थिक क्षेत्र में समाज व्यवस्था वैयक्तिक संपत्ति तथा वैयक्तिक व्यवसायों पर आधारित होनी चाहिए ।
(16) उधोगों का समाजीकरण घातक है ।
(17) किसी भी इस प्रकार की आर्थिक व्यवस्था की स्थापना नहीं की जानी चाहिए, जिसके अंतर्गत राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक सभ्यता का पक्ष लेते हुए उत्पादन के साधनों तथा व्यवसायों के राष्ट्रीयकरण का प्रतिपादन किया जाता है ।
(18) अंतर्राष्ट्रीयकरण के प्रस्ताव व्यर्थ हैं ।
(19) प्रबल व दृढ़ वैदेशिक नीति का समर्थन किया जाना चाहिए ।
(20) शान्तिरक्षा हेतु ब्रिटेन को अपनी सैनिक शक्ति तथा शस्त्रों की प्रचुरता पर निर्भर करना चाहिए ।
(21) रूस तथा अमेरिका के मध्य चलने वाले शीत युद्ध में ब्रिटेन को अपना दायित्व निभाना चाहिए ।
(22) पश्चिमी यूरोपीय राज्यों के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित किए जाने चाहिए ।
(23) ब्रिटिश परमाणु शक्ति का विकास किया जाए ।
सिद्धांतों में आंशिक शिथिलता (Partial Relaxation in Principles) – श्रमिक विचारधारा के उदय व प्रबल होने के प्रतिक्रिया स्वरूप अनुदारवाद की अनमनीयता में आंशिक परिवर्तन निम्न प्रकार आया है-
(i) दक्षिणपंथी अनुदारवाद पूर्ण अपरिवर्तनवादी या रूढ़िवादी है तथापि अधिकांश अनुदारवादियों की यह मान्यता होती जा रही है कि पूंजीवादी व्यवस्था स्वयं को इस रूप में परिवर्तित कर दे कि उसे धनियों का ही नहीं वरन् सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त हो जाए ।
(ii) यूरोपीय साझा बाजार की सदस्यता लाभकारी है ।
(iii) सं० रा० अमेरिका के साथ मैत्री संबंध स्थापित किए जाएं ।

 

 

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